बरेली में कोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीन से अवैध मस्जिद ध्वस्त, गांव में मचा हड़कंप
बरेली। भोजीपुरा थाना क्षेत्र के घंघौरा पिपरिया गांव में शनिवार को 23 वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद का आखिरकार अंत हो गया। कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद सदर तहसील प्रशासन ने सरकारी बंजर भूमि पर बने अवैध ढांचे पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। कार्रवाई शुरू होते ही गांव में खलबली मच गई, लेकिन भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के चलते कोई विरोध सामने नहीं आया।
करीब 300 वर्गगज क्षेत्र में बने इस अवैध निर्माण को दोपहर करीब 12 बजे गिराने की कार्रवाई शुरू की गई, जो एक घंटे में पूरी कर ली गई। इसके बाद प्रशासन ने मलबा भी हटवाकर जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा दिया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ हाईवे के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान पूरे इलाके में तैनात रहे। मौके पर एसडीएम सदर प्रमोद कुमार और तहसीलदार भानु प्रताप सिंह स्वयं मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी करते रहे।
तहसील प्रशासन के अनुसार यह ढांचा गाटा संख्या 1474ख पर स्थित था, जो राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-पांच की सरकारी बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। इस जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ ग्राम सभा ने वर्ष 2002 में तहसीलदार सदर न्यायालय में वाद दायर किया था। 10 जनवरी 2003 को तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का आदेश पारित किया, जिसे बाद में अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 ने 28 अक्तूबर 2025 को भी बरकरार रखा।
अदालतों से सभी अड़चनें खत्म होते ही प्रशासन ने न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि बेदखली की प्रक्रिया के तहत अवैध कब्जेदारों से 272 रुपये का जुर्माना और 10 रुपये निष्पादन शुल्क भी वसूला गया है।
ध्वस्तीकरण के लिए तहसीलदार सदर की अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम गठित की गई थी, जिसमें नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल शामिल रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।