बरेली बवाल के बाद नफीस के बरातघर पर चला बुलडोजर, मौलाना तौकीर को दी शरण
बरेली में बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने उनकी अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई बहुत तेज कर दी है। बीडीए ने शनिवार को आरोपी डॉ. नफीस के जखीरा स्थित बरातघर रज़ा पैलेस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की यहां कार्रवाई करने से पहले भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी। और उधर, फाइक एन्कलेव में मौलाना तौकीर रजा को शरण देने वाले फरहत के मकान को भी सील कर दिया गया है। नौमहला मस्जिद के पास चार दुकानें सील की गई है। वहीं सैलानी में अतिक्रमण पर नगर निगम का बुलडोजर करवाई की गई है।
डॉ. नफीस और उसके बेटे को जेल भेजा जा चुका है। उसकी मार्केट को बवाल के बाद सील कर दिया गया है। अब उसके बरातघर पर कार्रवाई की गई है। शनिवार दोपहर जखीरा स्थित बरातघर रज़ा पैलेस पर भारी पुलिस बल तैनात हो गया। मौके पर पहुंचे किला इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि आला अधिकारियों के निर्देश पर फोर्स तैनात की गई है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी या सीलिंग की इसकी जानकारी नहीं है। कुछ देर बाद जिला प्रशासन और बीडीए के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
बीडीए की टीम ने तीन बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले बुलडोजर से बरातघर का गेट तोड़ा गया। इसके बाद अन्य हिस्से पर कार्रवाई की गई। बाद में एक और बुलडोजर बुलाया गया। चार बुलडोजरों से पूरे बरातघर को जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई से खलबली मच गयी।
बरेली के फाइक एन्कलेव में बीडीए की टीम ने शनिवार को आरोपी फरहत का तीन मंजिला मकान सील कर दिया। इसी मकान में 26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने पनाह ली थी। बवाल के बाद उन्हें यहीं से गिरफ्तार किया गया था। घर में शरण देने पर फंसा फरहत और फरहान जेल में है। बीडीए के सक्षम अधिकारी ने एक अक्तूबर को नोटिस तामील कराते हुए तीन अक्तूबर से पहले फरहत का घर खानी कराने की अपेक्षा बारादरी पुलिस से की थी। शुक्रवार को वहां न तो पुलिस पहुंची और न ही बीडीए की टीम। शनिवार दोपहर करीब एक बजे बीडीए की टीम यहां पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई की गई है इस समय इस कार्रवाई से पूरी बरेली में खलबली मची हुई है।