सागर - जिला चिकित्सालय में डॉक्टर समय का पालन कर उपचार प्रदान करें, इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर की उपस्थिति हमेशा सुनिश्चित रखें, हाई रिस्क गर्भवती माताओं का समय पर परीक्षण करें। उक्त निर्देश उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण के दौरान दिए।
इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सागर संभाग डॉ. नीना गिडियन, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत, डॉ. अभिषेक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।
प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर अपने ड्यूटी आवास के दौरान पूरी ईमानदारी एवं समयबद्ध उत्तरदायित्व के साथ अस्पताल में उपस्थित होकर पीड़ितों का उपचार दें। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती माताओं की सभी जांच समय पर की जाए एवं उनको प्राथमिकता के साथ उपचार प्रदान किया जाए।
प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की समीक्षा बैठक भी ली, जिसमें उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी के अनुसार डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहें, जिससे कि आपातकालीन कक्ष में आने वाले पीड़ित व्यक्ति को समय पर इलाज उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में साफ-सफाई की आवश्यकता है, इसे समय-सीमा में पूरा किया जाए और निरंतर बनाए रखा जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में मेडिसिन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की डॉक्टरों की मांग पर कहा कि शीघ्र ही सभी चिकित्सालयों में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पूरी होगी, सरकार इस पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी को अच्छा इलाज समय पर मिल सके, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 9 एवं 25 तारीख को गर्भवती माताओं की सभी प्रकार की जांच महिला विशेषज्ञ डॉक्टर के द्वारा की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा टेलीमेडिसिन पर लगातार कार्य किया जा रहा है, जिसमें विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों के द्वारा इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सागर शहर मध्य प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं, जिसके लिए गर्भवती माताओं एवं नवजात शिशुओं की उचित देखभाल हेतु सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को पोषित करने के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना शासन द्वारा की गई है, जिसमें लक्ष्य के अनुसार कुपोषित बच्चों को एडमिट कराकर उन्हें पोषित करने की कार्रवाई सभी संबंधितों द्वारा की जाए।