सागर - मध्यप्रदेश में सागर की शास्त्री नगर के सरकारी स्कूल में एक सफेद उल्लू मिला था जिसके दोनों पंख गोंद से चिपके हुए थे, जिसकी वजह से वह उड़ान नहीं भर पा रहा था तब स्कूल के शिक्षक ने पक्षियों का रेस्क्यू करने वाले शैलेंद्र जैन को बुलाया वह उसे अपने घर लेकर आए और उसके पंख साफ किया पानी और शैंपू से जब काम नहीं बना तो उन्हें केरोसिन का इस्तेमाल करना पड़ा। जब इसके पंख ठीक हो गए तो उल्लू को जंगल में छोड़ आए थे
सफेद उल्लू को लेकर अलग-अलग तरह की मान्यताएं हैं कहा जाता है कि अगर यह रात की समय दिख जाए तो मां लक्ष्मी की कृपा हो जाती है, दिवाली के समय तो इसका महत्व 10 गुना बढ़ जाता है वही सफेद उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन भी है जो काफी रहस्यों से भरा हुआ रहता है और आधुनिक होती दुनिया में भी यह तांत्रिकों के निशाने पर रहते हैं तो कई लोग इसे पैसा कमाने के चक्कर में पकड़ कर लाखों रूपयो में बेच देते हैं,
पक्षी प्रेमी शैलेंद्र जैन बताते हैं कि दिवाली का समय आने वाला है तो इस समय उनके नाखून चोंच पंख सहित अन्य चीजों को लेकर तंत्र क्रियाएं करते हैं इसलिए कुछ अज्ञानी लोग इनकी बलि देते हैं और कई लोग लाखों रुपए में इसको बेच देते हैं इसके अंग बेच देते है।