सागर - दीपावली पर्व के अवसर पर नगर निगम सागर की महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने शहर के सभी पार्षदों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित नागरिकों से भावपूर्ण अपील की है कि इस पावन त्यौहार पर स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग कर स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन दें। महापौर ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे में यदि प्रत्येक परिवार मिट्टी के दिए, हस्तनिर्मित सजावट सामग्री, परिधान तथा उपहार के रूप में स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देगा, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सागर शहर में बड़ी संख्या में कुम्हार, बुनकर, हस्तशिल्प कलाकार और स्व-सहायता समूह दीपावली के लिए विशेष उत्पाद तैयार करते हैं। यदि इन उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए, तो उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और त्यौहार की खुशियां वास्तव में समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकेंगी।
उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे राष्ट्रीय अभियानों को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। महापौर ने कहा कि स्वदेशी अपनाने से न केवल आत्मनिर्भर भारत का सपना मजबूत होगा, बल्कि भारतीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान को भी नई चमक मिलेगी।