बरेली में घने कोहरे में फरीदपुर हाईवे पर भीषण हादसा, रोडवेज चालक की मौत, 24 घायल
बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र में रविवार सुबह घने कोहरे ने दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे द्वारकेश चीनी मिल के पास घने कोहरे ने कहर बरपा दिया। दृश्यता लगभग शून्य होने के कारण हाईवे पर एक के बाद एक करीब 20 वाहन आपस में टकरा गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण दुर्घटना में करीब 24 लोग घायल हो गए, जबकि रोडवेज बस चालक की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब आठ बजे शुगर मिल के समीप हाईवे की दोनों लेनों में वाहन कोहरे के कारण आपस में भिड़ते चले गए। टक्कर की तेज आवाजों के साथ ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और पुलिस को सूचना दी तुरंत ही पुलिस मौके पर पहुंची स्थानीय लोगों ने बताया
कि सोहराब गेट डिपो की रोडवेज बस गोरखपुर से मेरठ जा रही थी, जो आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। इसके बाद पीछे से आ रहे वाहनों में भी टक्कर होती चली गई। हादसे के दौरान कुछ वाहन अनियंत्रित होकर हाईवे से नीचे उतर गए, जबकि एक डीसीएम सड़क किनारे पेड़ों में जा घुसी। दुर्घटना में तीन रोडवेज बसें, ट्रक, डीसीएम और कई कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
हादसे में रोडवेज बस चालक अतर सिंह, निवासी ग्राम बहादुरपुर हुसैनपुर, जनपद मुजफ्फरनगर, गंभीर रूप से घायल हो गए। वह बस में फंसे हुए थे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही थाना फरीदपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया गया। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ का इलाज जारी है। बरेली डिपो की रोडवेज बस से कटरा से दिल्ली जा रहे बलराम, उनकी पत्नी यशोधरा और बच्चे लव व माही भी हादसे की चपेट में आ गए, जिसमें 10 वर्षीय माही घायल हो गई।
दुर्घटना के बाद हाईवे पर दोनों ओर करीब आधे घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से सभी क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, जिसके बाद यातायात को सुचारू कराया जा सका।
फरीदपुर थाना प्रभारी ने बताया कि घने कोहरे के कारण यह हादसा हुआ है। पुलिस ने वाहन चालकों से कोहरे के दौरान विशेष सावधानी बरतने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है जिससे सभी अपने घर सुरक्षित पहुंचे।