घर से लापता युवती का शव कुएँ में मिलने के बाद पुलिस ने गंभीरता से की जांच, हाईवे निर्माण कार्य में लगे संदिग्ध से पूछताछ में हुआ घटना का खुलासा
सागर - पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में एवं नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप के नेतृत्व में मोतीनगर पुलिस की प्रभावी कार्रवाई। दरअसल थाना मोतीनगर क्षेत्रांतर्गत निवासी फरियादी ने अपनी पुत्री के घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी के अनुसार, रात्रि लगभग 1 बजे उठकर देखने पर उसकी पुत्री घर में नहीं मिली। परिजनों एवं रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। रिपोर्ट पर थाना मोतीनगर में अपराध क्रमांक 1025/2026, धारा 140(3) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जिसके बाद दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को लापता युवती का शव घर से लगभग 200 मीटर दूर स्थित एक कुएँ में निर्वस्त्र अवस्था में मिला। पुलिस द्वारा घटनास्थल पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर शव का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय में कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मोतीनगर पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान पुलिस ने गांव एवं आसपास के क्षेत्र में हाईवे निर्माण कार्य में लगे लोगों से सघन पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि निर्माण कार्य में लगा एक युवक घटना के दिन से ही छुट्टी पर चला गया था। इस महत्वपूर्ण तथ्य के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की तलाश कर उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी अजय कुमार पिता रामप्रसाद, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम ढमक, थाना अमिलिया, जिला सीधी की संलिप्तता सामने आई। प्रकरण में साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 103(1) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) का इजाफा किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की मृतिका से घटना से लगभग 15–20 दिन पहले पहचान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी थी। मृतिका द्वारा आरोपी से उसके विवाहित होने के संबंध में पूछे जाने पर आरोपी ने अपनी शादी की बात छिपाई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना की रात जब परिवार के सदस्य सो रहे थे, तब आरोपी ने युवती को घर के बाहर बुलाया और उसके साथ दुराचार किया। इसी दौरान युवती के परिजन उसकी तलाश करने लगे। युवती ने आरोपी से विवाह करने की बात कही तथा उसके विवाहित होने की जानकारी सामने आने पर अपने और आरोपी के परिजनों को इसकी जानकारी देने की बात कही। पुलिस के अनुसार, इसी बात को लेकर आरोपी ने युवती को जान से मारने के इरादे से कुएँ में धक्का दे दिया तथा उसके कपड़े भी कुएँ में फेंक दिए। इसके बाद आरोपी अपने शिविर में जाकर सो गया और बाद में अपने गृह जिले सीधी चला गया। मोतीनगर पुलिस द्वारा आरोपी अजय कुमार को गिरफ्तार कर दिनांक 18.10.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। प्रकरण में विवेचना एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही जारी है।
उक्त प्रकरण में थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत राजपूत, उप निरीक्षक जय सिंह, उप निरीक्षक पी.डी. ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक गोकुल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक दीपक, महिला आरक्षक मंजूलता तथा आरक्षक मनीष तिवारी पुष्पेन्द्र शर्मा, श्रीकांत चौबे, मंजीत सिंह एवं आरक्षक चालक मुकेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।