सागर - डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता के मार्गदर्शन में 26-28 अगस्त 2025 तक उन्नत अनुसंधान केंद्र सीएआर में नैनोमटेरियल कैरेक्टराइजेशन पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें कुल 40 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया डॉ.विवेक कुमार पांडे ने सीएआर के संक्षिप्त परिचय के साथ सत्र की शुरुआत की और ऐसे कार्यक्रमों के महत्व के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी और प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं दीं व्याख्यान सत्र में मुख्य वक्ता डॉ.के.बी.जोशी ने नैनोसाइंस विषय के इतिहास सामान्य परिचय सिद्धांतआदि पर व्याख्यान दिया डॉ.वैशाली यादव ने सेंट्रीफ्यूज उपकरण पर व्याख्यान दिया एवं एप्लाइड साइंसेज के विविध क्षेत्र में सैम्पल तैयार करने में सेंट्रीफ्यूगेशन तकनीक की महत्ता बताई डॉ.अर्जुन अदित ने प्रतिभागियों को एप्लाइड साइंस के विविध क्षेत्र में स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप एसईएम तकनीक के सामान्य परिचय सिद्धांत सैम्पल तैयार करने और अनुप्रयोगों के बारे में बहुत ही बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक जानकारी दी एसईएम तकनीक के कई अनुप्रयोग हैं जिनमें मटेरियल साइंस इंजीनियरिंग जैव विज्ञान और दवा उद्योग आदि शामिल हैं डॉ.शिव कुमार सिंह ने पाउडर एक्स-रे डिफ्रेक्टोमीटर पीएक्सआरडी तकनीक के सामान्य परिचय सिद्धांत सैम्पल तैयार करने और अनुप्रयोगों जैसेकि क्रिस्टलीय गुण क्रिस्टल साइज किस प्रकार निकाला जाता है और पीएक्सआरडी के सुरक्षा प्रोटोकॉल आदि के बारे में बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक जानकारी दी डॉ. तुकाराम कर्णवाद ने पार्टिकल साइज और जीटा पोटेंशियल एनालाइजर पीएसए उपकरण द्वारा सैम्पल तैयार करने के बारे में व्याख्यान के माध्यम से जानकारी प्रदान की उन्नत अनुसंधान केंद्र की मुख्य समन्वयक एवं कार्यशाला संयोजक प्रो. श्वेता यादव की पहल पर विभिन्न उपकरणों पर विश्वविद्यालय में समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन निरंतर किया जा रहा है प्रो.रणवीर कुमार एवं प्रो.वंदना सोनी कार्यशाला के सह-संयोजक रहे हैंड्स ऑन सत्र की शुरुआत सेंट्रीफ्यूज एसईएम पीएक्सआरडी पीएसए उपकरणों के हार्डवेयर भाग और इसके सहायक उपकरणों के संक्षिप्त परिचय के साथ शुरू हुई सत्र में एप्लाइड साइंस के विभिन्न क्षेत्रों से सैम्पल तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया प्रतिभागियों को सैम्पल तैयार करने उनके विश्लेषण से लेकर डेटा व्याख्या तक पूरी जानकारी प्रदान की गई प्रतिभागियों की रुचि के क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों पर विचार किया गया एवं उनका उत्तर दिया गया सैम्पल तैयार करने के लिए प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित किया गया था प्रत्येक समूह ने सैम्पल तैयार किये और अपने सैम्पल का विश्लेषण किया समापन सत्र में प्रतिभागियों से कार्यशाला के बारे में प्रतिक्रियाएं ली गईं एवं प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गये तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला उन्नत अनुसंधान केंद्र की तकनीकी टीम डॉ.विवेक कुमार पांडे शिवप्रकाश सोलंकी सौरभ साह आशीष चढ़ार अरविंद चडार और चन्द्र प्रकाश सैनी की तकनीकी मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।