युवा नेता अविराज भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में नशा मुक्ति को लेकर क्षत्रिय समाज का सम्मेलन, रोड शो में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला बना चर्चा का विषय
By Rishi Verma, 09:34:47 PM | September 14
सागर/टीकमगढ़/बम्हौरी - हमारे और देश के उज्जवल भविष्य का आधार अच्छी शिक्षा है। युचा बेचारे नहीं विचारवान बनें। मेरा आप सभी को मुख्य संदेश यह है कि नशे से दूर रहें। नशा आपके मूल्यवान समय और सामर्थ्य को नष्ट करता है साथ ही विदेशी ताकते नशे के माध्यम से अर्जित धन, धर्म परिवर्तन और देश विरोधी कामों में लगाती हैं। स्वयं की रक्षा करना आत्म रक्षा है लेकिन सभी की रक्षा करना ही क्षत्रिय धर्म है। यह उद्गार युवा नेता अविराज भूपेंद्र सिंह ने क्षत्रिय युवा समाज की ओर से यहां आयोजित युवा समागम एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
युवा समागम के मुख्य अतिथि अविराज भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया से ज्ञान भी लिया जा सकता है, और नुकसान भी। आज लगता है जैसे मोबाइल फोन ही युवाओं का जीवन हो गया है। इससे युवाओं के मन की शुद्धि कम हुई है। आदि गुरू शंकराचार्य ने बताया है कि मन ही सबसे बड़ा तीर्थ है, इसे शुद्ध करो तो जहां बैठोगे तो वहां तीर्थ बन जायेगा। मोबाइल फोन से हटकर युवा आपस में संवाद करें और प्रत्यक्ष मिले जुले। उन्होंने कहा कि युवा क्या है? युवा वह सोच है जो सभी को सम्मान देने का संदेश दे सके, सभी को अपना सकें और सभी को अपनाने का दर्शन ही तो हिंदुत्व है। स्वामी विवेकानंद ने बताया कि युवा वह है जो अनीति के विरूद्ध लड़े, दुर्गुणों से दूर रहे और काल की चाल बदल दे। ऊर्जा का भंडार, जोश, तपस्या, प्रगति के ओर बढ़ते कदम यही तो युवा का परिचय है। निडरता, मन की पवित्रता, आत्म संयम, क्षमा और सत्य यह सब मिलकर युवा को प्रतिभावान बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने शांति, उदारता और आत्म चिंतन का मार्ग दिया है। यह हम युवाओं का कर्त्वय है कि राष्ट्र को आगे बढ़ायेंगे, आत्मनिर्भर बनायेंगे जिसका रास्ता यह है कि हम स्वदेशी का आगे बढ़ायें। स्वामी विवेकानंद ने कहा है भारत एक अमर राष्ट्र है जिसने विश्व को सिखाया कि राष्ट्र का निर्माण संस्कृति, सेवा और समर्पण की भावनाओं से होता है। हम ऐसे ही राष्ट्र भारत में आगे प्रगति कर रहे हैं जिसमें सेवा, भावना, संस्कार और राष्ट्रभक्ति सबसे प्रबल विचार है। अविराज भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे पूर्वज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने 14 वर्ष की आयु में अपना पहला युद्ध लड़ा और सिद्ध किया कि आयु हमारी परिणिति तय नहीं करेगी, हमारे प्रयास तय करेंगे कि हम कितने आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उस दौर में जब अधिकांश राजा भोग विलास में लिप्त रहते थे, महाराणा प्रताप ने राजनय के संपूर्ण सुख त्याग कर मातृभूमि के लिये संघर्ष किया और बादशाह अकबर के सामने चुनौती के रूप में खड़े हो गये। अकबर के सारे प्रस्तावों के बावजूद महाराणा के मेवाड़ में कभी समर्पण नहीं किया। उन्होंने भीलों को सम्मान दिया, उनको एकजुट किया, नई सेना बनाई और युद्ध के लिये हमेशा तैयार रहे। महाराणा प्रताप के जीवन से एक शिक्षा यह भी मिलती है कि आज का क्षत्रिय युवा सभी समाजों को एकजुटता के साथ लेकर आगे बढ़े, सबको सम्मान दे और राष्ट्र का निर्माण करे। हमने इतिहास से सीखा है कि जब हम धर्म के मार्ग पर चलते है तभी आगें बढ़ते हैं। धर्म के मार्ग पर चलने से हमारी शक्ति बढ़ जाती है।
युवा नेता अविराज भूपेन्द्र सिंह ने युवा समागम में शिक्षा, खेल, संस्कृति, समाज सेवा और क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। युवा समागम की शुरुआत निवाड़ी तिगैला से विशाल वाहन रैली के साथ हुई। रैली मार्ग में मड़िया, विरौराखेत, ज्यौरामौरा, रानीगंज तिराहा सहित विभिन्न स्थलों पर समाज के युवाओं द्वारा स्वागत किया गया। बम्हौरी में रोड शो के माध्यम से अविराज भूपेन्द्र सिंह का भव्य और एतिहासिक स्वागत हुआ। रैली बम्हौरी पहुंच कर विशाल युवा समागम परिवर्तित हो गई। युवा नेता अविराज भूपेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक सम्मान और मार्गदर्शन दिया।
समाज की युवा शक्ति का जागरण, एकता और प्रतिभाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस युवा समागम में समाज के शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और विशेष रूप से युवा वर्ग शामिल हुआ। कार्यक्रम में भगवत सिंह दांगी, हीरालाल दांगी, लखन दांगी, प्रकाश सिंह दांगी, महेन्द्र सिंह, रामकुमार दांगी, लल्लू सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, गन्धर्व सिंह, संजय सिंह, रामअवतार सिंह, मैथिलीशरण सिंह, ज्ञान सिंह, अजेन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, मुकेश सिंह, सट्टन सिंह, अजीत सिंह वीर सिंह, केहर सिंह, अमित सिंह, राहुल सिंह, जितेन्द्र सिंह, के.पी. दांगी, रामअवतार सिंह दांगी, भरत सिंह दांगी, काशीराम सिंह, देवी सिंह, अमित सिंह, पूरन सिंह, रामहुजूर सिंह, मुकेश सिंह, मनोज प्रताप सिंह, नरेन्द्र सिंह सहित बुंदेलखंड के सभी जिलों से दांगी समाज के युवा और वरिष्ठजनों ने भाग लिया।

