IIIT से खेतों तक: ‘अन्नश्री’ ब्रांड के ज़रिए बदली किसानों की तक़दीर'— NABARD और National Agro Foundation के सहयोग से माधौगंज FPO बना ग्रामीण विकास का मॉडल
By Republic Times, 12:30:48 PM | October 15
"IIIT से खेतों तक की यात्रा: NABARD की मदद से बदली किसानों की तकदीर
माधौगंज एफपीओ को National Agro Foundation, NABARD, Access Development Services, Social Alpha और Meerut Udyami Foundation का सहयोग प्राप्त है।
NABARD द्वारा एफपीओ को इक्विटी ग्रांट की सहायता मिली है, जिससे किसानों के लिए काम करना और भी आसान हुआ है।
National Agro Foundation किसानों की आय बढ़ाने और उनके विकास हेतु समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण और कार्यक्रम आयोजित करती है।
Access Development Services आधुनिक खेती की तकनीकों और कौशल विकास के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण प्रदान करती है।
Social Alpha टीम एफपीओ के प्रचार-प्रसार और किसानों को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करती है।
साथ ही, Meerut Udyami Foundation स्थानीय स्तर पर एफपीओ को सशक्त बनाने और बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है।
"हम मेहनतकश इस दुनिया से हैं... अपना हिसाब मांगेंगे, एक बाग नहीं, एक खेत नहीं... हम सारी दुनिया मांगेगे..."हिंदी फिल्म मज़दूर का यह मशहूर गीत सिर्फ सुरों में नहीं, संघर्ष की गूंज में भी बसता है।और आज इसी गीत की भावना को हकीकत में जी रहा है एक शख्स, जिसने IIIT जैसी बड़ी डिग्री हासिल करने के बाद भी आराम और ऐशो-आराम की ज़िंदगी को ठुकरा दिया।
अगर चाहते, तो किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में ऊँचा ओहदा पा सकते थे। लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई को महज़ करियर नहीं, परिवर्तन का हथियार बनाया।
उन्होंने ठान लिया कि वो अपने ज्ञान से देश के अन्नदाता-किसानों की ज़िंदगी में क्रांति लाएंगे।
नई तकनीक, नए विचार और किसानों की समस्याओं को सुलझाने की सच्ची लगन के साथ उन्होंने वो कर दिखाया, जो कभी सपना लगता था।
आज, उनके और उनके साथियों के प्रयासों से देश का किसान खुशहाली की राह पर है।वो साबित कर चुके हैं-अगर इरादे सच्चे हों, तो ज़मीन से आसमान तक का सफ़र भी मुमकिन है। जी हां, यह कहानी है प्रफुल्ल गोस्वामी और विभांशु गोस्वामी की। दो युवा, जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि देश के किसानों के लिए जीने का संकल्प लिया। इन दोनों ने मिलकर किसानों की ज़िंदगी बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया, नई तकनीक को खेतों तक पहुंचाया, जिससे मेहनतकश किसानों की मेहनत को नया मुकाम मिला। "इसके अलावा, विकास अवस्थी कंपनी के कामकाज की निगरानी कर रहे हैं, जबकि शिवम यादव CEO के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।"
आपको यह सुनकर शायद थोड़ा हैरानी हो, लेकिन प्रफुल्ल गोस्वामी और विभांशु गोस्वामी ने जो कर दिखाया, वह किसी प्रेरणा से कम नहीं।
दोनों ने किसानों के साथ मिलकर एक ऐसी कंपनी खड़ी की, जिसकी गूंज अब सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है।
कहते हैं कि अगर कोई इंसान ठान ले कि उसे कुछ करना है, तो पूरी दुनिया की ताकत भी उसे रोक नहीं सकती।" इन दोनों के सपने हकीकत में तब बदले जब माधौगंज एफपीओ को National Agro Foundation, NABARD, Access Development Services, Social Alpha और Meerut Udyami Foundation का सहयोग मिला। NABARD की एक स्कीम ने इनके आगे के सफर को आसान कर दिया। किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनकी पेशेवर दक्षता बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थाएँ लगातार प्रयासरत हैं। हाल ही में NABARD (National Bank for Agriculture and Rural Development) द्वारा एफपीओ (Farmer Producer Organization) को इक्विटी ग्रांट प्रदान की गई है, जिससे किसानों के लिए काम करना और भी आसान हो गया है।
National Agro Foundation समय-समय पर किसानों के विकास और उनकी आय बढ़ाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण और कार्यक्रम आयोजित कर रही है। वहीं, Access Development Services आधुनिक खेती की तकनीकों और कौशल विकास के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।
Social Alpha टीम एफपीओ के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही है और किसानों को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रही है। इसके साथ ही, Meerut Udyami Foundation स्थानीय स्तर पर एफपीओ को सशक्त बनाने और उन्हें बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सहयोग और प्रशिक्षण से किसान न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और व्यवसायिक अवसरों का लाभ भी उठा सकते हैं।
करीब एक हज़ार से ज़्यादा किसानों के सहयोग से उन्होंने बनाई, ‘माधौगंज एग्रो फ़ार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’, जिसने देश के कृषि जगत में नई क्रांति ला दी। आज इस कंपनी का ब्रांड ‘अन्नश्री’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम और स्वाभिमान की पहचान बन चुका है।भारत की मिट्टी से उठी यह आवाज़ अब विदेशी बाजारों में भी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रही है।
माधौगंज के पिलखना गांव के किसानों- रामआसरे गुप्ता, विभांशु गोस्वामी, विनय, सुखवीर यादव और मीना देवी ने वर्ष 2023 में मिलकर ‘माधौगंज एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ की स्थापना की। इस कंपनी से आज पिलखना, हिमायूंपुर, बरहस, टेडिया, शुक्लापुर भगत, बरवटापुर, भिठाई, क्योटी और सदरपुर जैसे कई गांवों के किसान जुड़े हुए हैं। इन सभी ने मिलकर एक ऐसा नेटवर्क बनाया है, जो किसानों को संगठित करने के साथ-साथ उनकी पैदावार को सीधे बाजार से जोड़ने का काम कर रहा है।
अभी हाल ही में देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई दिशा देने, उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बनाने और 'वोकल फॉर लोकल' के विजन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अमर उजाला नई दिल्ली के भारत मंडपम में एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव, एक्सपो व एवं अवार्ड्स 2025 का आयोजन किया गया। इसमें ‘अन्नश्री’ टॉप-3 में जगह बनाने में सफल रही उसे सम्मानित भी किया गया।
कंपनी के प्रमोटर प्रफुल्ल गोस्वामी बताते हैं कि माधौगंज एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड में बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल हैं। कंपनी का मुख्य उद्देश्य किसानों को एक सशक्त और संगठित मंच प्रदान करना है, जिससे वे उत्पादन, भंडारण और विपणन की पूरी सुविधा का लाभ उठा सकें।
माधौगंज एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड किसानों की उपज को ई-नाम पोर्टल के माध्यम से बेहतर मूल्य पर बेचती है। कंपनी अन्नश्री ब्रांड के तहत हर्बल पाउडर, हर्बल चाय, मक्का आटा, चना सत्तू, दलिया, कोदो, देहाती बुकनू जैसी कई कृषि एवं हर्बल उत्पाद तैयार कर रही है, जिन्हें स्थानीय, प्रदेशीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजा जा रहा है।
किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है और बीज, खाद, जैविक उत्पाद निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराए जाते हैं। कंपनी को कृषि विभाग से फार्म मशीनरी बैंक का लाभ मिला है, जिससे किसानों को लेजर लेवलर, रोटावेटर, थ्रेसर, मक्का बोआई मशीन और अन्य उपकरण न्यूनतम किराये पर मिलते हैं।

