सागर - सागर के गोपालगंज में स्थित जैन समाज द्वारा दस लक्षण पर्व के अंतिम दिन श्री जी की शोभायात्रा निकाली गई माना जाता है कि दस लक्षण पर्व जैन समाज का साल भर का प्रमुख त्यौहार होता है जो आत्मा की शुद्धि और मोक्ष मार्ग की साधना के लिए मनाया जाता है। इसे 'दशलक्षण धर्म' के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य, ये दस सद्गुण या लक्षण शामिल हैं। दशलक्षण पर्व मनाने का उद्देश्य आत्मा की शुद्धि, मोक्ष मार्ग की साधना, सद्गुणों का विकास, सामाजिक सद्भाव, आत्म-अनुशासन। इन दस दिनों में जैन धर्मावलंबी इन गुणों पर चिंतन करते हैं और इन्हें अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं, जिससे कर्म बंधन कम होते हैं और आध्यात्मिक उन्नति होती है जिसमें दस सद्गुणों का महत्व होता है। यह यात्रा गोपालगंज से लाल स्कूल और वहां से काली तिगड्डा होते हुए मंदिर जैन मंदिर पहुंची और जल अभिषेक हुआ और सभी महानुभवों ने बोलियां के माध्यम से श्री जी का अभिषेक किया।