बरेली की तहसील मीरगंज के गांव बहादुरपुर में कब्जे वाली जमीन छोड़ दूसरी जगह स्वास्थ्य केंद्र बनाने की जिद पर लेखपाल
बरेली की तहसील मीरगंज के गांव बहादुरपुर में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण स्थल को लेकर बहादुरपुर गांव में विवाद गहरा गया है। परिवार नियोजन केंद्र के नाम दर्ज जमीन पर कब्जे हो गए। इसलिए अब नए स्वास्थ्य केंद्र को गांव से करीब 600 मीटर दूर बनाने की तैयारी पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण गांव में परिवार नियोजन केंद्र के लिए दर्ज जमीन पर ही कराया जाए। इसके लिए ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है। बहादुरपुर गांव में उक्त जमीन पर करीब एक बीघा जमीन खतौनी में परिवार नियोजन केंद्र के नाम दर्ज है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 40 वर्ष पहले इस जमीन पर परिवार नियोजन केंद्र का भवन बनाया गया था। भवन जर्जर होने के बाद वर्ष 2005 में तत्कालीन डीएम के आदेश पर परिवार नियोजन केंद्र और स्कूल की इमारत को गिरवा दिया गया था।
इसी बीच गांव के कुछ दबंगों ने स्कूल और परिवार नियोजन केंद्र की जमीन पर कब्जा कर लिया है उसके बाद लोगों ने 2006 में डीएम संतोष कुमार यादव से शिकायत की थी उनके आदेश के बाद स्कूल की बिल्डिंग पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी लेकिन दबंगों ने उसके बाद भी उसे पर कब्जा आज तक नहीं छोड़ा है
इसके बाद धीरे-धीरे कुछ लोगों ने परिवार नियोजन केंद्र की जमीन पर पक्के निर्माण कर लिए। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल के नजदीक खतौनी में बाग दर्ज है, लेकिन मौके पर बाग मौजूद नहीं है। बाग काटकर सारे पक्के मकान बना लिए हैं
ग्राम प्रधान पप्पू राजपूत का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 में जमीन पर स्वास्थ्य केंद्र बनवाने का प्रस्ताव दिया था। यह जमीन परिवार नियोजन केंद्र के नाम दर्ज है और गांव के भीतर स्थित है। इसके बावजूद मौजूदा लेखपाल उक्त जमीन के बजाय दूसरे जमीन पर स्वास्थ्य केंद्र बनवाने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज है। लेकिन योगी सरकार में भी परिवार नियोजन केंद्र की जमीन को कब्जा मुक्त करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है पुरा तहसील प्रशासन, कब्जा मुक्त न करने का क्या कारण यह तो अधिकारी बता पाएंगे।
ग्राम बहादुरपुर में परिवार नियोजन की जमीन आवंटित होने के बाद भी अस्पताल को दूसरी जगह बनाने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर गांव के ही नीरज कुमार ने की है उन्होंने कहा है कि गांव में परिवार नियोजन केंद्र के नाम से एक बीघा जमीन सुरक्षित है। और उसे पर दबंगों का कब्जा है मीरगंज तहसील प्रशासन कब्जा मुक्त न करा कर अस्पताल को दूसरी जगह बनाया जा रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत 9 सितंबर को की थी जिसका अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। लेकिन इसी बीच लेखपाल ने नीरज कुमार के खिलाफ थाने में शिकायत की और पुलिस को घर भेज कर शिकायतकर्ता पर दबाव डालने की कोशिश की है जिसकी शिकायत नीरज कुमार ने 28 अक्टूबर को फिर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की है