सागर के जेरई में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय का मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किया उद्घाटन कहा - माता-पिता के नाम पर शिक्षा का मंदिर बनाना हमारी संस्कृति की पहचान
By Rishi Verma, 09:51:15 PM | March 11
सागर/राहतगढ़ - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर प्रवास के दौरान बुंदेलखंड की वीर भूमि को नमन करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने महाराजा छत्रसाल और चंदेल राजाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि बुंदेलखंड महावीरों की धरती है। ‘‘छत्ता तेरे राज में धक-धक धरती होय‘‘ की पंक्तियों के साथ उन्होंने महाराजा छत्रसाल के स्वाधीनता संघर्ष और संस्कृति संरक्षण के संकल्प को दोहराया। कठिन चुनौतियों के बीच भी इस धरा ने अपनी पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को पीढ़ियों के निर्माण का आधार बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का मंदिर बनाकर पीढ़ियों तक योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके सुपुत्रों द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में स्थापित शैक्षणिक संस्थान की सराहना करते हुए कहा, माता-पिता का आशीर्वाद ही विकास की असली पूंजी है।
मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि हाल ही में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट ने सिद्ध कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत आज दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
डॉ. हरीसिंह गौर के त्याग और सागर विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने यहाँ रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के नए द्वार खोले हैं।
बुंदेलखंड के आर्थिक और ढांचागत विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों क्षेत्र के विकास के लिए बुन्देलखंड कैबिनेट के माध्यम से 27 हजार करोड़ रुपये के कार्यों की मंजूरी दी गई। अंत में उन्होंने कहा कि विकास का यह कारवां निरंतर जारी रहेगा ताकि बुंदेलखंड का युवा आत्मनिर्भर और सशक्त बन सके। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा हमारे बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आप खूब पढ़ें, भविष्य के सपने बुनें और अपनी सफलता से देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
आकाश सिंह राजपूत द्वारा आयोजित 6 माह लंबी क्रिकेट प्रतियोगिता (10,000 खिलाड़ी) को उन्होंने अद्भुत बताया। उन्होंने राहतगढ़ और जैसीनगर में भव्य और आधुनिक पुस्तकालय (ग्रंथालय) खोले जाने को घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शीघ्र ही देवरी और नरयावली पहुँचकर नए विकास कार्यों को गति देगे। अभी हाल ही में भारत की टीम ने क्रिकेट की सबसे बड़ी ट्रॉफी जीत कर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में हमारे खिलाड़ी नाम रोशन कर रहे हैं।
सागर के विकास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का योगदान अविस्मरणीयः मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस दिन को सागर के लिए ऐतिहासिक बताते हुए विकास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को रेखांकित किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि आज का दिन बेहद सौभाग्यशाली है। उन्होंने याद दिलाया कि ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की फाइल पर डॉ. मोहन यादव ने तभी हस्ताक्षर कर इसकी शुरुआत कराई थी, जब वे प्रदेश के शिक्षा मंत्री थे।
सागर अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल है जहाँ केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालय (स्टेट यूनिवर्सिटी) और मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष धन्यवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने क्षेत्रीय विकास की कड़ी में मुख्यमंत्री के समक्ष सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ एवं जैसीनगर में आधुनिक पुस्तकालय (लाईब्रेरी) खोलने की मांग रखी जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकृति दी और मंच से घोषणा की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आदित्य सिंह राजपूत ने स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की लोकार्पण के अवसर पर ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच के माध्यम से मेडल पहनकर सम्मानित किया ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आदित्य सिंह राजपूत ने बताया कि विश्वविद्यालय की मेधावी छात्राओं को आज मुख्यमंत्री के द्वारा सम्मानित किया गया जिन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया उन्होंने हिमेजी जापान में चल रही एशिया अफ्रीका पेसिफिक अंतरराष्ट्रीय पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में सागर की बेटी आयुषी अग्रवाल ने 425 किलोग्राम वजन उठाकर देश को कांस्य पदक दिलाया है। उन्हें यह पदक बेंच प्रेस इवेंट में हासिल हुआ।
ज्ञानवीर विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री ने परखी भविष्य के वकीलों की तैयारीय ’मूक कोर्ट’ का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर प्रवास के दौरान ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया, जिसमें विशेष रूप से विधि के छात्र-छात्राओं के लिए तैयार की गई मूक कोर्ट (डववज ब्वनतज) आकर्षण का केंद्र रही साथ ही मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री सहित अतिथियों ने यूनिर्वसिटी का भ्रमण किया तथा केंपस में लगे रोजगार मेले स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया छात्र-छात्राओं का उत्साह
मुख्यमंत्री ने मूक कोर्ट का अवलोकन करते हुए वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव ही एक कुशल अधिवक्ता और न्यायविद तैयार करने में सहायक होता है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा पद्धति में ऐसी सिम्युलेटेड लर्निंग (प्रायोगिक शिक्षण) को उपयोगी बताया। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, मूक कोर्ट के माध्यम से छात्र अपनी झिझक दूर कर सकेंगे और भविष्य में उच्च न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी के लिए खुद को तैयार कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने लिया बुंदेली स्वाद का आनंद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेलखंड के पारंपरिक खान-पान संस्कृति की सराहना करते हुए इसे सेहत के लिए भी उत्तम बताया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बुंदेलखंड के पारंपरिक मोटे अनाज से बने व्यंजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, मक्का की रोटी न केवल ऊर्जा प्रदान करती है, बल्कि हमारी प्राचीन आहार पद्धति का गौरव भी ळें मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देना ’’वोकल फॉर लोकल’’ के संकल्प को मजबूत करता है। बुंदेलखंड के ये व्यंजन इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मेहमाननवाजी का प्रतीक हैं।
बुंदेली कलाकारों एवं वाद्य यंत्र की प्रस्तुति की मुख्यमंत्री ने की सराहना, गले लगा थपथपाई पीठ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर जिले के प्रवास के दौरान बुंदेली संस्ति की जीवंत प्रस्तुति ने सभी का ध्यान खींच लिया। स्थानीय बुंदेली कलाकारों एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। कलाकारों ने राई, बधाई एवं अन्य लोक गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिसमें ढोलक, नगड़िया, बांसुरी, मंजीरा और अन्य पारंपरिक बुंदेली वाद्य यंत्रों की धुनें गूंज उठी। मनमोहक प्रस्तुतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मन मोह लिया। उन्होंने कलाकारों को गले लगाया और उनकी पीठ थपथपाकर सराहना की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं जिला के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, रहली विधायक गोपाल भार्गव, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, देवरी विधायक ब्रज बिहारी पटेरिया, बण्डा विधायक वीरेन्द्र सिंह लोधी,बीना विधायक श्रीमति निर्मला सप्रे, जि.पं.अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, महापौर सागर, ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी आदित्य राजपूत, गौरव सिरोठिया, गौरव रणदिवे, पाराशर प्रभारी, हरवंश सिंह राठौर, नारायण प्रसाद कबीर पंथी, श्रीमती सविता सिंह राजपूत, आकाश सिंह राजपूत, प्रदेश पेनालिस्ट प्रवक्ता प्रदीप राजौरिया, संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर संदीप आर, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

